मेरे घर कामवाली की छोटी बेटी आने लगी थी. मेरा मन इसकी मीठी नमकीन कचौरी जैसी बुर को चखने को ललचाने लगा. तो मैं उसे अपने जाल में फांसने में लग गया.
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